ऐसे करें महालक्ष्मी को प्रसन्न

कहते हैं ईश्वर एक है पर उसके रूप अनेक हैं लेकिन हमारी संस्कृति, हमारे धर्म में हर देवी-देवता को एक विशेष स्थान प्राप्त है | सबका अपना-अपना महत्त्व है | ऐसा भी माना जाता है कि प्रत्येक देवी-देवता किसी ना किसी गुण के प्रतीक होते हैं, जैसे माँ अम्बा शक्ति की, भगवान कृष्ण प्रेम के, गणेश जी बुद्धि के, माँ सरस्वती संगीत और वाणी की, माँ लक्ष्मी धन की आदि | व्यक्ति जिस वस्तु की अभिलाषा रखता है, उसी के अनुसार आराधना करता है |

वैसे तो भक्त सभी की कृपा चाहते हैं परन्तु जब माँ लक्ष्मी की बात आती है तो धन की देवी होने के कारण, यह कामनाएं और इच्छाएं कुछ अधिक ही बढ़ जाती हैं | मनुष्यों की चाहत होती है कि वे धनवान हो जाएं और एक वैभवशाली जीवन यापन करें | इसीलिए माँ लक्ष्मी की अनुकम्पा पाने हेतु वे हर संभव प्रयास करते हैं |

आज हम आपके लिए अपने इस लेख में कुछ ऐसे उपाय लाए हैं जिन्हें अपनाकर आप माँ लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं | हमारे शास्त्रों में देवी की पूजा के विभिन्न मंत्र और कर्म बताए गए हैं | लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि महालक्ष्मी अपने श्रृंगार की वस्तुएं एवं अपने नाना प्रकार के आभूषणों की पूजा से भी प्रसन्न होती हैं | उनके द्वारा धारण किया हुआ सिन्दूर या अन्य कोई भी सामान बहुत ही पवित्र होता है जिसकी अर्चना-उपासना आप पर माँ की असीम कृपा बरसा सकती है |

यहाँ तक कि महालक्ष्मी के चरण-प्रतीकों को भी हिंदू संस्कृति में पूजनीय माना जाता है| यदि आप आजीवन अपने घर में धन-संपदा का वास चाहते हैं तो प्रतिदिन घर के मंदिर में माँ के चरणों की पूजा करें | अपने घर को नकारात्मक शक्तियों से बचाने के लिए और बुरी नज़र से बचाने के लिए दरवाज़े पर पद्म चिन्ह बनाएं, ऐसा करने से आर्थिक मजबूती भी बनी रहेगी और आप आर्थिक परेशानियों से कोसों दूर चले जाते हैं |

हमारे धर्म में ऐसी मान्यता है कि जिस मकान में ये चरण बने होते हैं, उसमे देवी माँ ख़ुशी-ख़ुशी प्रवेश करती हैं और उनके शुभ निवास से दरिद्रता वहां से विदा हो जाती है | महालक्ष्मी का प्रिय रंग होता है –लाल | इसीलिए नियमित रूप से प्रातः काल कुमकुम से घर के मुख्य दरवाज़े पर माँ के चरणों का निर्माण करें | ध्यान रहे यह कार्य आपको ब्रह्म मुहूर्त में ही संपन्न करना है और उन चिन्हों को लाल गुलाब के सुन्दर फूलों से सजाना भी है | इसके साथ ही कुमकुम की अनुपलब्धता में पद्म चिन्ह बनाने के लिए आप लाल आलते अथवा रंगोली के लाल रंग का भी प्रयोग कर सकते हैं |

अकसर लोग यह कह कर बात टाल जाते हैं कि देवी के चरण बनाना कठिन है लेकिन अगर ऐसी स्थिति आपके सामने भी आती है तो इसका हल भी मौजूद है | यदि हाथों से चरण-चिन्ह बनाना मुश्किल हो तो आजकल बाज़ार में लक्ष्मी माँ के बने-बनाए चिन्ह भी मिलते हैं | ये स्टीकर रूप में उपलब्ध होते हैं जिन्हें चिपकाना बेहद सरल होता है | अब जब आप चिन्ह लगाएं या बनाएं तो ध्यान रखें कि ये फर्श पर दरवाज़े से बाहर की ओर होने चाहिए ताकि घर में जब भी किसी सदस्य का प्रवेश हो तो पहले वो उसके दर्शन करे तब भीतर घुसे |

     नियमित रूप से इन चरणों की पूजा करें और देवी की प्रसन्नता के लिए लाल रंग की वस्तुएं अर्पित करें, जैसे गुलाब की पंखुडियां मिश्रित जल चढ़ाएं, कुमकुम से तिलक करें, लाल फल-फूल अर्पित करें आदि |

     इन सभी उपायों से यदि आपने महालक्ष्मी को प्रसन्न कर लिया तो समझ जाइए कि आपके जीवन से कंगाली सदा-सदा के लिए समाप्त हो जाएगी और आप एक सुखी व वैभवशाली जीवन व्यतीत कर पाएंगे | माँ-चरणों की पूजा ज्योतिष शास्त्र और वास्तुशास्त्र दोनों में ही शुभ फल देने वाली मानी गयी है | ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियों और ग्रहों की शुभ स्थितियों का दुष्प्रभाव भी खत्म होता है | तो आप भी ये उपाय आजमाएं एवं माँ लक्ष्मी की कृपा पाएं |

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