सोने का सही समय आपका भाग्य बदल सकता है !हर चीज़ का एक वक़्त होता है.

सोने का सही समय आपका भाग्य बदल सकता है !हर चीज़ का एक वक़्त होता है.

सोने का सही समय आपका भाग्य बदल सकता है !हर चीज़ का एक वक़्त होता है

कहते है अच्छी नींद अच्छे स्वस्थ की निशानी है . लेकिन सच तो यह है की हर चीज़ का एक वक़्त होता है पुराणो के अनुसार इसका भी समय निश्चित किया गया है. अगर कोई व्यक्ति सही समय पर नहीं सोता तो अक्सर ऐसा देखा गया ही की वो किसी  न किसी बीमारी से घिरा रहता है. और अगर आप शास्त्रो की बात करे तो उसे अपशकुन भी कह सकते है. इसीलिए हमारे बड़े बुजुर्ग हमेशा सुबह जल्दी उठने की सलाह देते है. ऐसा कहा जाता है जो लोग सही समय पर नहीं सोया करते उन्हें भगवान की कृपा भी नहीं प्राप्त हो पाती. पुराने शास्त्रो और किताबो के अनुसार ऐसे तीन समय बताये गए है जिस समय सोना एक अच्छी आदत नहीं बताया गया है.

1. जब सूर्य उदय हो रहा हो.

2. दिन मतलब दोपहर का समय

3. जब सूर्य अस्त हो रहा हो या शाम का समय

 

आज हम आपको यह बताएँगे की किस समय सोने से क्या नुक्सान आपको उठाना पड़ सकता है.

जब सूर्य उदय हो रहा हो.- ऐसा कहा जाता है की ऐसे लोगो को माता महालक्ष्मी जो धन और ज्ञान का प्रतीक है उनसे नाराज हो जाती है जो लोग देर तक सोते ही रहते है और यह उनकी रोजाना की आदत बन चुकी है. ऐसे लोग हमेशा स्ट्रेस मैं रहते है और पैसे भी कभी रुक नहीं पाता. पैसा तो बहुत होता है फिर भी एक संतुष्टि कभी नहीं रहती. हेल्थ भी कभी ठीक कभी ख़राब ही रहती है. सच तो यह है की लक्ष्मी माँ के आशीर्वाद के बिना बरकत कभी नहीं आ सकती, हमें सुबह सूर्य उदय से पहले ही उठना चाहिए. सुबह सुबह की ताज़ी हवा हमें अनेको बीमारीयो से दुर्र रखता है. इसका उद्धरण सबसे बढ़िया अगर आप देखना चाहते है तो गॉवों को देखिये वह के लोगो के स्वस्थ शहर के लोगो से ज्यादा अच्छे होते है.

दोपहर का समय -  दोपहर मैं सोने वालो के साथ अक्सर पेट सम्बन्धी समस्या बानी रहती है ऐसा साइंस भी मानती है की दिन मैं सोने वालो का पाचन यानि डजेस्टिव सिस्टम जल्दी ख़राब हो जाता है. पुराणो की माने तो यह समय कर्म करने का है मतलब मेहनत, काम करने का. इसीलिए कहा जाता है ईश्वर ने हर चीज़ का समय बनाया है और ईश्वर से बड़ा साइंटिस्ट कोई नहीं.

जब सूर्य अस्त हो रहा हो या शाम का समय- हमारे पुराणो के अनुसार शाम का समय सबसे अशुभ माना जाता है, इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है की शाम को परम्परा  के अनुसार पूजा का समय होता है. देवी देवताओ की खुश करने के लिए यह भी एक सबसे शुभ समय माना जाता है. शास्त्रो मैं लिखा हुआ है की जो लोग शाम को सोना पसंद करते है उन लोगो को कई प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलती. हमारे पूर्वजो की माने तो ऐसा कहा जाता है की शाम को देवी देवताओ के घूमने का समय होता है जब वो किसी व्यक्ति को शाम को आलस्य मैं देखते है तो उससे नाराज़ हो जाते है और दुर्भागय का शिकार भी जल्दी होते है.

पुराणो मैं इस बात का भी ज़िक्र आया है जो इंसान बीमार है, कोई स्त्री गर्भवती हो , या कोई बड़ा बुजर्ग हो ऐसे लोगो के ऊपर किसी भी समय सोने की अनुमति है. ऊपर बताये हुए तीनो समय का असर इन लोगो