मकरसंक्रांति का महापर्व

मकरसंक्रांति का महापर्व

मकरसंक्रांति का महापर्व

 मकरसंक्रांति जिस तरह समाज, संस्कृती और ज्योतिष से जुड़ा पर्व है उसी तरह यह विज्ञान और सूर्य से जुड़ा है| ज्योतिष के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है। जब सूर्य अपनी दिशा बदलता है तो १२ संक्रांतियां भी अपनी दिशा बदल देती हैं। इस दिन से सूर्य एक अंश आगे बढ़ने लगत यही और सूर्य की रौशनी धरती पर तेज़ी से पहुचती है, सूर्य से जुड़े होने के कारण हर साल ये पर्व १४ जनवरी को पड़ता है। सूर्य कर्क रेखा से जब आगे बढ़ता है तब देवता धरती पर होते हैं।

 पौराणिक प्रथाओं के अनुसार मकरसंक्रांति के दिन मिठाइयां, तिल, कपडे आदि का दान करना शुभ मन गया है, इस दिन गंगा स्नान करना से सभी दुःख छूट जातें हैं। जो व्यक्ति मकरसंक्रांति के महीने से लेकर माघ के महीने तक