क्या आप जानते है इस एक व्रत से मिल सकता है बरसो तक खुशियाँ और मोक्ष

क्या आप जानते है इस एक व्रत से मिल सकता है बरसो तक खुशियाँ और मोक्ष

क्या आप जानते है इस एक व्रत से मिल सकता है बरसो तक खुशियाँ और मोक्ष

क्या आप जानते है इस एक व्रत से मिल सकता है बरसो तक खुशियाँ और मोक्ष

4th February 2016 is the day when you can meet your luck. The fast of Ekdashi can connect you to your Kismat with Kismat Conection.

जैसे के आप सब जानते ही है की कल यानि 4 फ़रवरी को एकादशी है . एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को बहुत प्रिये है, यह व्रत नरक से मुक्ति और मोक्ष दिलाने वाला होता है. एकदशी यह बताती है कि धन आदि से भी ज्यादा बड़ा दान अगर है तो वो है अन्नदान. ऐसा कहा जाता है जो व्यक्ति अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखते हुए क्रोध, अहंकार , काम, लोभऔर चुगली आदि का त्याग करना चाहिए .

इस दिन तिल का इस्तेमाल स्नान करने से , साथ ही तिल से मिला हुआ जल पीना चाहिए , तिल दान करना चाहिए , और तिल का भोजन करना चाहिए. इससे पापो का नाश होता है . तिल से भरा हुआ  बर्तन  दान करना बहुत शुभ होता है. तिलो के बोने पर उनसे जितनी नयी शाखाएं पैदा होगी. उतने हज़ार बरसो तक दान करने वाला स्वर्ग मैं निवास करता है .

ऐसी एक कहानी भी है - एक ब्रहमाणी श्री हरि में बड़ी भक्ति रखती थी और एकदशी का व्रत करती थी. परन्तु उसने कभी ब्राह्मण एव देवताओ के निमित अन्न दान नहीं किया था. एक दिन भिक्षा लेने कपाली का रूप धारण कर भगवान पहुंचे और भिक्षा कि याचना की. गुस्से में ब्राह्मणी ने मिटटी एक बड़ा पत्थर दिया . कुछ समय बाद ब्रहमाणी ने देह तयाग कर वैकुण्ठ पहुंची. लेकिन उसे वहाँ मिटटी के बने मकान ही मिले , अन्न नहीं. दुखी होकर उसने श्री हरि से पूछा तो पता लगा की ऐसा अन्न दान नहीं करने की वजह