स्वामी रामकृष्ण परमहंस से शिष्यों ने पूछा -

स्वामी रामकृष्ण परमहंस से शिष्यों ने पूछा -

bhakti-kya-hai

स्वामी रामकृष्ण परमहंस से शिष्यों ने पूछा - "महाराज ! भक्ति क्या है ?"

स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने उत्तर दिया -"भक्ति अर्थात मन ,वाणी और कर्म से भगवान को पुकारना कर्म अर्थात हाथों से उनकी पूजा और सेवा करना , पैरों से उनके स्थानो तक जाना, कानों से भगवान और उनके नाम, गुणों और उनके भजनो को सुनना,आँखों से उनकी मूर्ति के दर्शन करना। मन अथार्त सदा उनका ध्यान -उनकी चिंता करना और उनकी लीलाओ का समरण करना ।वाणी अर्थात उनकी स्तुतियाँ पढ़ना, उनके भजन गाना। जब तीनो मिलकर भगवान को पुकारते हैं, तभी भक्ति सार्थक हो पाती हैं "


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