भगवान शिवजी पर यह 5 चीजे कभी न चढ़ाये

भगवान शिवजी पर यह 5 चीजे कभी न चढ़ाये

भगवान शिवजी पर यह 5 चीजे कभी न चढ़ाये

आप सभी जानते है की हिन्दू धरम मे भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजा करने की विधि भी बताई गयी है. अगर पूजा सही ढंग से की जाये और भगवान को वो चढ़ाया जाये जो उन्हें बेहद प्रिये हो तो भगवान सिर्फ खुश ही नहीं मन चाहा फल भी प्रदान करते  है

लेकिन साथ ही ऐसा भी कहा जाता है की अगर हम भगवन को कुछ ऐसा भेट करदे या चढ़ावा चढ़ा दे जो उन्हें पसंद ना हो , तो उसका प्रभाव उल्टा भी पड़ सकता है , ऐसे मैं समस्या यह आती है आखिर भगवान को क्या चढ़ाये जिससे वो आपसे खुश रहे.

आज हम किस्मत कनेक्शन मैं आपको यह राज़ से भी पर्दा उठाएंगे की आखिर भगवान शिव जिन्हे भोलेनाथ भी कहा जाता है , उन्हे क्या नापसंद है और क्या उनपर नहीं चढ़ाना चाहिए .

भगवान शिव को भांग धतूरा सबसे प्रिये है और यह बात सभी जानते है इसीलिए शिवरात्रि के दिन इसीका प्रसाद चढ़ता है.

कहानी शिवपुराण से

शिव पुराण के अनुसार पांच चीज भगवान शिव को कभी नहीं चढ़ाना चाहिए

1.   तुलसी

2.   कुमकुम या सिंदूर

3.   हल्दी

4.   केतकी के फूल

5.   नारियल का पानी

केतकी के फूल

एक दिन भगवान विष्णु और  ब्रह्मा मैं बहस हो गयी और बातों ही बातों मैं युद्ध छिड़ गया की ज्यादा ताकतवर कौन है ? वो दोनों एक दूसरे के ऊपर बहुत खतरनाक अस्त्रों से वार करने लगे और यह बात भगवान शिव को पसंद नहीं आई और वो बीच मैं ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए। शिव बोले अगर तुम इतने ही श्रेष्ठ हो तो मेरे ज्योतिर्लिंग के आदि और अंत का पता लगाओ. जो यह पहले पता लगाएगा वो ही महान है.

फिर दोनों उसका अंत का पता लगाने के लिए चल दिए , भगवान विष्णु ने खूब कोशिश करी परन्तु ना कामयाब ही रहे, और उन्होंने अपनी हार मानली  और भगवान ब्रम्हा केतकी का फूल हाथ मे लेकर निकल पड़े , वापिस आकर उन्होंने भगवान  शिव को बोला उन्हें एक अंत का पता लग गया है और वाही से वो यह फूल लेकर आये है. ब्रह्मा जी के इस झूठ ने भगवान शिव को बहुत  क्रोधित कर दिया, क्रोध में आकर शिवजी  ने ब्रह्मा जी का एक सिर काट दिया, ब्रह्मा जी  का वो कटा सिर केतकी के फूल में बदल गया। और साथ ही उन्हें श्राप दे दिया कि उनकी कभी कोई पूजा नहीं होगी।

भगवान शिव ने साथ ही केतकी के फूल को भी श्राप दे दिया , की कभी वो फूल उन्हें अर्पित ना किया जाये. तबसे भगवान को केतकी के फूल अर्पित किया जाना अशुभ माना जाता है।


तुलसी

शिवपुराण के अनुसार असुर जालंधर की पत्नी तुलसी का पतिधर्म बहुत मजबूत था जिसकी वजह से कोई देवता उसे हरा नहीं सकता था. इस बात से भगवान  विष्णु बहुत चिंतित थे और उन्होंने ने सोचा की तुलसी का पतिव्रत तोडा जाये. तो वो खुद ही जालंधर का वेष धारण कर पहुंच गए और तुलसी का पतिव्रत टूट गया और भगवान शिव ने उसे भस्म